सोमवती अमावस्या

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|| श्री सदगुरु परमात्मने नमः ||

 

पौष मास (अमांत), अमावस्या तिथी, सोमवार

 

मुहूर्त ग्रंथो के अनुसार सोमवार को अमावस्या तिथी होने पर “सोमवती अमावस्या” कहलाती हैं |

 

सोमवती अमावस्या के योग पर गंगास्नान तथा दान का विशेष महत्व हैं |

 

सोमवती अमावस्या को संध्या समय में शिव मंदिर में तिल्ली के तेल का दीपक करे एवं भगवन शिव से सभी प्रकार के पाप एवं कष्ट शमन तथा आयु, आरोग्य की रक्षा हेतु प्रार्थना करे |

 

|| ॐ तत् सत ||

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